Sadak Banane Wali Ek Ladki

Deep punjabi 2016-08-23 Comments

करीब 5 मिनट बाद वो ट्रे में दो चाय के कप लेकर आई। मैं बेड पे चौकड़ी मारकर बेठा था। उसने ट्रे मेरे सामने की मेने एक कप उठा लिया और वो दूसरा कप उठाकर ट्रे टेबल पर रखकर खुद मेरे बिलकुल पास बेड पे टांगे नीचे की ओर लटकाकर बैठ गयी।

मेने उसके दिल की जाननी चाही और बात शुरू करते पूछा – हाँ सुमरी अब बोलो रसोई में क्या कह रही थी.. पति आपकी तारीफ नही करता।

वो गर्म चाय की एक घूंट पीकर कप निचे टेबल पे रखकर बोली – हाँ साब जी बिलकुल भी नही करता। उसकी भावना उस वक़्त ऐसी थी के जेसे अपने पति की शिकायत मेरे से कर रही हो।

वो – आज आपने तारीफ की तो मुझे सुनकर अच्छा लगा।

मेने मन में सोचा ये बेर तो खुद झोली में गिरने को तैयार है बस तारीफ रुपी डंडे से इस बेर को झाड़ना पड़ेगा।

मैं – कमाल का आदमी है फेर तो इतनी सुंदर बीवी मिली है फेर भी तारीफ नही करता। काश तुम मेरी बीवी होती। सारा दिन तुम्हारे मृग्नयनो की तारीफ, गुलाब जेसे होंठो की तारीफ, हिरणी जैसी चाल की तारीफ, काली घटाए जेसे बालो की तारीफ, नागिन जेसी लम्बी चोटी की तारीफ करता न थकता।

वो मेरी बातो से इतना प्रभावित हुई के खुद बोल उठी।

काश साब जी मैं इस घर की बहु होती। आपकी सासु माँ, ससुर जी की सेवा करती न थकती।

अब उसकी आवाज़ में उदासी थी और चेहरा निचे किया हुआ था। मेने उसका चेहरा ऊपर किया तो देखा के वो रो रही थी। मेने उसे चुप होने को बोला तो वो फेर भी रो रही थी और उठ कर मेरे गले लगकर रोने लगी। उसे जेसे किसी के प्यार की सख्त जरूरत थी।

उसने रोते हुए बताया के उसके सुसराल में कोई भी उससे अच्छा वयवहार नही करता। सभी मारने को दौड़ते है। उसपे मुझे दया आ रही थी। मेने उसे रसोई से लाकर पानी पिलाया और हौंसला दिया कोई बात नही सब ठीक हो जायेगा। फेर मेने उसे चाय का कप पकड़ाया और पीने को दिया। वो चाय पीकर बैड पे ही बैठी रही। अब मेने भी अपना कप खाली करके टेबल पे रख दिया।

वो मेरे बिलकुल आगे बैठी हुई थी। हम दोनों में बस कुछ क इंचों का फांसला था। मेने हल्के से उसकी जांघ पे अपना हाथ रख दिया। जिसे उसने देख तो लिया पर कोई विरोध नही किया। बस मेरी तरफ हल्की सी स्माइल की।

उसका ग्रीन सिग्नल पाकर मेने अपना हाथ सहलाना शुरू कर दिया। क्या नरम नरम रुई जेसी जांघ थी उसकी। मैं उसको सहलाये जा रहा था। वो आँखे बन्द करके मज़ा ले रही थी। मेने उसको कन्धों से पकड़ कर बैड पे लिटा लिया और उसका चेहरा पकड़ कर उसके होंठो पे अपने होंठ रख कर उन्हें चूसने लगा।

पहले तो वो मना करती रही। पर जब उसे मज़ा आने लगा तो वो भी मेरा साथ देने लग गयी। एक दम उसने मुझे रुकने का बोला..

मैं- क्या हुआ सुमरी ?

वो – साब जी न तो गली वाला गेट बन्द किया हमने और न इस कमरे वाला। आज पकड़े जाते रंगे हाथो हम दोनों।

उसकी बात से मुझे भी याद आया के दरवाजा तो कब से बिना कुण्डी के ही बन्द है। मैं उठकर बाहर की तरफ भागा और गली वाले गेट को अंदर से कुण्डी लगाकर वापस सुमरी के पास आया।

सुमरी मेरी निक्कर में तने हुए लण्ड को ऊपर से ही देखकर हसने लगी।

मेने उसके पास जाकर पूछा – क्या हुआ सुमरी, किस बात पे हसी आ गयी।

वो मेरे तने हुए लण्ड की तरफ इशारा करते हुए बोली – इसकी वजह से और फेर हसने लगी।

मेने उसे पूछा देखना है क्या .?.

वो – (थोडा शरमाकर) नही साब जी..

मैं उसका इंकार सुनकर भी तने लण्ड को निकर से निकालकर उसके हाथ में पकड़ा दिया।

वो शर्मा भी रही थी और उसका दिल भी देखने को कर रहा था। पहले तो उसने जरा सा हाथ लगाकर एकदम लण्ड को छोड़ दिया।

जब मेने दुबारा पकड़ाया तो मुंह दूसरी तरफ करके हंस रही थी और गरम लण्ड को सहला भी रही थी। मेने उसकी शर्म दूर करने की सोचकर उसको दुबारा होंठो पे चूमने लगा। तब वो थोड़ा खुल कर मेरा साथ दे रही थी।

मेने उसको पूछा – मेरा लण्ड चूसोगे क्या?

वो बोली – छी इसे भी कोई चूसता है भला।

मैंने कहा – हाँ क्यों नही ? फिल्मो में लडकिया तो बहुत चूस्ती है।

वो – क्या कहा आपने साब जी,  किस फ़िल्म में चूसती है मेने तो ऐसी कोई फ़िल्म नही देखी।

मैं – रुको नही देखी, तो अभी दिखा देता हूँ। मेने बैड के सिरहाने लगे चार्जर से अपना मोबाइल हटाया और सनी लियोनी की एक वीडियो उसको दिखाई जिसमे वो टॉयलेट सीट पे बैठकर एक आदमी का लंड चूस रही होती है।

वीडियो देखरेख वो बोली – हे भगवान अब ऐसी फिल्में भी बनने लग गई क्या साब जी?

मैं – ये कोई आज की बात थोड़ी न है। कई सालो से चल रही है।

वो – कसम से मुझे तो नही पता था बस अब जाकर पता चला है।

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