Please Mujhe Pass Kardo

contents.dk 2015-11-16 Comments

मैं – सर प्लीज़ आ जाओ मेरे पास मेरी चूत मारिए सर.. प्ल्स मेरी चूत चोदिये।

सर – क्या चूत है तेरी..

सर ने अपना थूक मेरी चूत पर लगाया ओर थोडा अपने लोडे पर ओर मेरी चूत के उपर मूह रख दिया।

अहह!!!

मेने कहा सर जल्दी से एक ही धका मार कर अंदर डाल दीजिए, सर मुझे कोई दर्द नही होगा, मेरी सील पहले ही टूट गयी है।

सर ने एक ही धक्के मे अपना लोडा मेरी चूत के अंदर कर दिया.. अंदर जाते ही वो घस्से मारने लगे.. ह.. सोनम तेरी चूत हा हाअ…

मुझे भी उनका लोडा अपनी चूत के अंदर अच्छा लग रहा था.. सर प्लीज़ ओर चोदिये मेरी सर ओर चोदिये मेरी चूत.. अपनी ज़िंदगी की सारी प्यास भुझाइय सर मेरी चूत मारो अहह.. बहुत मज़ा आ रहा है सर।

सर का लोडा मेरी चूत के अंदर रगड़ खा-खा कर मुझे भी मज़ा दे रहा था ओर खुद भी बहुत मज़ा ले रहा था, मेने कहा सर हर एक पोज़ बना लीजिए ये चूत आपको सारा मज़ा देगी.. सर ने मेरी टाँगें अपने कन्धों पर रखी ओर अपने पूरे ज़ोर के साथ मेरी चूत को छोड़ने लगे.. उनका पूरे का पूरा लोडा अंदर पेट से मिल रहा था..

मैं आँखें बंद करके मज़े से अपनी इज़्ज़त लूटा रही थी.. अहह सर.. अह्ह्ह सर.. आप बहुत मज़ा दे रहे है, सर ने काफ़ी देर तक मेरी इज़्ज़त लूटी.. फिर उनका लोडा जवाब देने ही वाला था की उन्होने वो बाहर निकाला ओर मेरे पेट के उपर अपना माल पचर्ररर से निकल दिया..

अहह.. सोनम आअहह.. हाँ उनका गरम-गरम माल मेरे पेट पर फेल गया..

सर – सोनम मेरी एक और इच्छा है।

मैं – बोलिए सर..

सर – मेरा लंड तुम मूह मे लेकेर चूसो.. प्लीज़ मेरी पत्नी भी नही मनती.. तुम प्लीज़ अपने मूह मे मेरा लंड लेकर मेरा माल पीओ..

मैं – सर मैं आपके चुपे तो मार दूँगी लेकिन माल नही पियूंगी प्लीज़।

सर – प्लीज़ बेटी.. देखो पास ज़रूर कवाऊंगा..

मैं – ओके सर..

फिर मैं नीचे झुकी ओर उनका बेठा लोडा अपने मूह मे लेकर चूसने लगी, सर मज़े मे पागल होने लगे, सर का लोडा पहली बार किसी ने मूह मे लिया था..

सोनम.. ओर ज़ोर से चूसो.. ज़ोर ज़ोर से चूसो अहह.. हाँ… टोपा अंदर तक लेकर जाओ… हाँ रानी.. उनका लोडा फिर से फोलाद की तरह तन गया ओर मैं ज़ोर ज़ोर से चुपे मारती रही.. सर भी अपनी कमर हिला कर मेरे मूह मे अपना लोडा अंदर बाहर करते रहे.. मैं गोली की तरह लोडा चूस रही थी.. थूक लगा लगा कर उनका लोडा गीला कर दिया था।

मैं कभी पूरा लोडा अंदर लेकर एक मिनट तक रुकती ओर फिर झटके से बाहर निकालती.. सर को ये बहुत मज़ा दे रहा था।

फिर सर ने कहा – बेटा माल आने वाला है और तभी मेरे मूह में लंड की धार आई पचर्ररर..

सर – अहह.. मेरी बच्ची अहह.. अंदर ही रखना लोडा अहह..

उन्होने अपना सारा पानी मेरे मूह मे निकल दिया ओर मेने उल्टी करके माल बाहर फेंक दिया, सर ढीले होकर बेड पर गिर पढ़े.. मेरा अभी तक पानी नही निकाला था तो मैं एक दम उठ कर सर के उपर जाकर बैठ गयी।

उनका लोडा मेरी चूत को टच करने लगा और मैं उसके घसे लगाने लगी.. उनका लोडा फिर से तन गया, मैं ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत को उनके लोडे पर रगड़ने लगी.. उनकी पवर फिर वापिस आ गयी और अब मेने उनका लोडा अपनी चूत के अंदर डाला ओर उछलने लगी.. उनको भी मज़ा आने लगा।

मैं भी अपनी पसंद की पोज़िशन मे थी.. जिसमे मेरा पानी जल्दी निकल जाता है.. मैं कस कस के उपर उछलने लगी ओर वो भी मेरी गांड को पकड़ कर मुझे लोडे की हसीन सेर कराने लगे, अहह.. बहुत मज़ा आ रहा था.. उनका तीसरी बार था इस लिए उनको थोडा टाइम लगेगा पर मैं भारी जवानी अपने सर के लोडे के उपर नाच रही थी, मुझे थोड़ी देर बाद कोई भी होश ना रही..

सर.. अह्ह्ह्ह.. मेरी चूत फाड़ डालो.. अहह… लोडा अंदर तक डालो चिर दो मेरी चूत अहह..

बाद मे सर तेज़ी से उपर नीचे करने लगे ओर मेरा शरीर अकड़ गया ओर मेरी चूत से पानी झरने की तरह बाहर निकाला।
अहहह्ह्ह.. सर को भी मेरी चूत का गरमा गरम पानी लोडे के उपर महसूस हुआ, मैं मज़े मे मद-होश हो गयी थी, मैं बेसूद होकर पड़ी रही और सर मेरी जवानी लूटते गये।

फिर उन्होने मेरी चूत के अंदर ही अपना लोडा खाली किया..

वाह सोनम… तेरी फुदी तो मैं रोज मारूगा.. वाह मज़ा आ गया..

फिर थोड़ी देर बाद मैं उठी ओर फिर से कपड़े डाल कर सेट हो गयी.. सर भी तेयार हो गये..

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार निचे कमेंट सेक्शन में जरुर लिखे, ताकि देसी कहानी पर कहानियों का ये दोर आपके लिए यूँ ही चलता रहे।

फिर मेने पुछा सर से।

मैं – सर मेरा काम हो जाएगा ना?

सर – पहला स्थान बेटा.. फस्ट डिविजन..

मैं – सर मैं फस्ट डिविजन लेकर आपको पार्टी देने ज़रूर आऊगी..

सर – बेटा ज़रूर आना बेटा.. ज़रूर आना..

अब तो मुझे परीक्षा का इंतेज़ार है.. ताकि मैं जल्दी से पास हो जाऊं।

मेरी इस hindi sex stories को अपना फीडबैक जरुर देना निचे कमेंट्स में।

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